सीकर-जयपुर स्मैक तस्करी: बस में भेजे पार्सल में बरामद, मौसा-भांजा गिरफ्तार
राजस्थान के सीकर जिले में स्मैक की तस्करी से जुड़े एक बड़े मामले में पुलिस ने मौसा-भांजा को गिरफ्तार किया है, जिनके खिलाफ आरोप है कि उन्होंने जयपुर से भेजे गए पार्सल में स्मैक की खेप छिपाकर भेजा था। पुलिस इस मामले में मुख्य सरगना की तलाश कर रही है और जांच जारी है।
घटनास्थल की जानकारी के अनुसार, सीकर पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि जयपुर से लोक परिवहन की बस में भेजे गए पार्सल में स्मैक की खेप छिपाई गई है। सूचना पर पुलिस ने बस को स्थानीय चेकपोस्ट पर रोककर जांच शुरू की। तलाशी के दौरान पार्सल से जमा स्मैक बरामद हुई, जिसकी अनुमानित क़ीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।
पुलिस ने बताया कि बरामद स्मैक के साथ दो व्यक्ति — एक मौसा और उसका भांजा — मौजूद पाए गए, और तभी उन्हें हिरासत में ले लिया गया। दोनों के खिलाफ NDPS (नार्कोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंसेस) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस प्रमुख ने कहा कि मामले में मुख्य सरगना अभी भी सक्रिय है और उसकी तलाश के लिए टीम सघन जांच कर रही है।
वहीं, सीकर पुलिस का कहना है कि यह मामला शहर और आसपास के इलाकों में स्मैक तस्करी की बढ़ती घटनाओं का हिस्सा हो सकता है। पिछले कुछ महीनों में राजस्थान के कई हिस्सों में ड्रग्स तस्करी और जब्ती से जुड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें स्मैक और MD जैसी हानिकारक ड्रग्स की खेपें पुलिस के हाथ लगी हैं।
उदाहरण के लिए हाल ही DRI (Directorate of Revenue Intelligence) टीम ने सीकर हाईवे पर कार्रवाई करते हुए करीब 270 किलो MD ड्रग्स ज़ब्त की है, जो एक multi-state नेटवर्क से जुड़ी हुई थी और जिसकी बाजार में क़ीमत लगभग ₹81 करोड़ बताई गई है। इस मामले में छह अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था।
सीकर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जो स्मैक बरामद हुई है, वह विशेष तरीक़े से पार्सल में छिपाई गई थी, जिससे वह आसानी से पकड़ी न जाए। उनपर आरोप है कि स्मैक को बस के सामान के साथ पैक किया गया था और बस चालक के सहयोग से या किसी बाहरी मदद से यह तस्करी की कोशिश की गई। पुलिस इस बात की भी छानबीन कर रही है कि स्मैक कहां से लाई गई थी और इसका वितरण कहां-कहां होने वाला था।
पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध पार्सल या व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे तस्करी मामलों को रोका जा सके। इसके अलावा पुलिस लगातार निगरानी बढ़ा रही है और सीकर-जयपुर हाईवे तथा बस स्टैंडों पर चेकिंग और तलाशी को और सख्त कर दिया गया है।
स्मैक तथा अन्य ड्रग्स की तस्करी को रोकने के लिए राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर निगरानी और ऑपरेशन कर रही हैं। सीकर पुलिस का कहना है कि मुख्य सरगना की गिरफ्तारी जल्द होने की उम्मीद है, और जांच के बाद तस्करी रैकेट के बचे नेटवर्क को भी उजागर किया जाएगा।
Author: Umesh Kumar
welcome to Jhalko Bagdi



