गैंगस्टर रोहित गोदारा को 19 जनवरी तक कोर्ट में पेश करने के निर्देश
श्रीगंगानगर (राजस्थान) — कुख्यात गैंगस्टर गोदारा को लेकर श्रीगंगानगर की अदालत ने अहम आदेश जारी किया है। अदालत ने निर्देश दिए हैं कि आरोपी गैंगस्टर रोहित गोदारा को 19 जनवरी तक श्रीगंगानगर कोर्ट में पेश किया जाए। मामला स्थानीय व्यापारी से विदेशी मोबाइल नंबरों के जरिए फिरौती मांगने से जुड़ा हुआ है।
पुलिस के अनुसार, श्रीगंगानगर शहर क्षेत्र के एक व्यापारी को बीते दिनों लगातार विदेशी नंबरों से कॉल और मैसेज आए थे। कॉल करने वाले ने खुद को गैंगस्टर गोदारा बताते हुए बड़ी रकम की मांग की थी। धमकी दी गई थी कि रकम नहीं देने पर गंभीर अंजाम भुगतने होंगे। इसके बाद पीड़ित व्यापारी ने संबंधित थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
विदेशी नंबरों से फिरौती कॉल, पुलिस ने दर्ज किया केस
शिकायत के आधार पर पुलिस ने आईपीसी और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि फिरौती की कॉल्स भारत के बाहर सक्रिय मोबाइल नंबरों से की जा रही थीं। इसी बीच, पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर मामले को कोर्ट में प्रस्तुत किया।
वहीं, अदालत ने केस की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट किया कि आरोपी की पेशी आवश्यक है, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके। इसलिए कोर्ट ने संबंधित एजेंसियों को 19 जनवरी तक गोदारा को पेश करने के निर्देश दिए हैं।
गोदारा पहले से अन्य मामलों में वांछित
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गोदारा पहले से ही राजस्थान सहित कई राज्यों में दर्ज आपराधिक मामलों में वांछित रहा है। उस पर रंगदारी, धमकी और संगठित अपराध से जुड़े आरोप हैं। दूसरी ओर, इस मामले में भी पुलिस यह जांच कर रही है कि कहीं यह फिरौती कॉल किसी लोकल नेटवर्क की मदद से तो नहीं कराई गई।
इसके अलावा, पुलिस विदेशी नंबरों के स्रोत, सिम कार्ड और डिजिटल माध्यमों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
कोर्ट पेशी के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि गोदारा की कोर्ट में पेशी के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया, रिमांड और चार्जशीट को लेकर स्थिति साफ होगी। इसलिए फिलहाल मामले की जांच जारी है। वहीं, पुलिस ने व्यापारियों से अपील की है कि किसी भी तरह की धमकी या फिरौती कॉल मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
इस मामले ने एक बार फिर व्यापारियों की सुरक्षा और साइबर-आधारित अपराधों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजरें 19 जनवरी की कोर्ट पेशी पर टिकी हैं।
Author: Umesh Kumar
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