बोर्ड एग्जाम से पहले 4394 लेक्चरर के तबादले, ट्रांसफर लिस्ट दो बार जारी
बीकानेर: बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले प्रदेश के शिक्षा विभाग ने तबादले को लेकर बड़ा कदम उठाया है। शनिवार को कुल 4394 लेक्चररों के तबादले की बड़ी ट्रांसफर सूची जारी की गई, जो दो अलग‑अलग चरणों में जारी हुई। पहली सूची सुबह जारी की गई थी और कुछ ही समय बाद दूसरी सूची भी सार्वजनिक कर दी गई, जिससे शिक्षक समुदाय में हलचल बढ़ गई है।
इस बीच शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह तबादले बोर्ड परीक्षा से पहले छात्रों, परीक्षा‑ड्यूटी और शैक्षणिक व्यवस्था दोनों को ध्यान में रखकर किए गए हैं। हालांकि बड़ी संख्या में तबादलों के कारण कई विद्यालयों में नई तैनाती और ड्यूटी नियुक्ति को लेकर असमंजस जैसी स्थिति भी बनी हुई है।
पहला चरण: सुबह करीब 7:30 बजे विभाग ने हिंदी विषय के 1644 लेक्चररों के तबादले की पहली सूची जारी की। इसके कुछ ही समय बाद दूसरी सूची भी जारी की गई जिसमें अन्य विषयों के 2750 से अधिक लेक्चररों के तबादले शामिल थे। इस प्रकार कुल मिलाकर 4394 लेक्चरर अलग‑अलग स्थानों पर तबादले किए गए।
Location और विषय: जारी सूची के मुताबिक, हिंदी के अलावा इतिहास, फिजिक्स, इंग्लिश, जीव‑विज्ञान, रसायन, गृह विज्ञान, गणित, कृषि तथा वाणिज्य जैसे कई विषयों के शिक्षक भी शामिल हैं। हिंदी में 1644, इतिहास में 973, फिजिक्स में 416, इंग्लिश में 355 तथा विज्ञान‑संबंधित अन्य विषयों के 737 लेक्चरर के तबादले किए गए हैं। गणित, एग्रीकल्चर और कॉमर्स में भी क्रमशः 104, 74 और 91 शिक्षक स्थानांतरित हुए हैं।
शिक्षा विभाग की प्रतिक्रिया: शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि विभाग ने परीक्षा संचालन, फाइनल ड्यूटी शेड्यूलिंग और छात्रों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए ये तबादले किए हैं। विभाग ने सुनिश्चित किया है कि परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त शिक्षण स्टाफ उपलब्ध रहे। अभी तक तबादले को लेकर कोई आधिकारिक चुनौती नहीं आई है।
दूसरी ओर शिक्षण संगठनों ने टिप्पणी की कि इतनी बड़ी संख्या में तबादले से बोर्ड परीक्षा की तैयारियों पर प्रभाव पड़ सकता है। कई वाइस‑प्रिंसिपल और वरिष्ठ शिक्षकों का कहना है कि परीक्षा से पहले राज्य‑भर में व्यापक तबादलों से परीक्षा ड्यूटी और समय‑बंदी में व्यवधान आ सकता है।
प्रभाव: छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ी है कि इतने बड़े पैमाने पर शिक्षक तबादले से बोर्ड परीक्षा की तैयारी प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि विभाग को इस तरह के तबादलों को परीक्षा समाप्ति के बाद करना चाहिए था, लेकिन यह भी स्वीकार किया जा रहा है कि विभाग को परीक्षा‑संबंधित किसी तकनीकी या प्रशासनिक परेशानी से पहले निपटना था।
Author: Umesh Kumar
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