फूड सेफ्टी: जयपुर में 15,630 किलो दाल सीज, सैंपल जांच को भेजा

जयपुर में फूड सेफ्टी टीम ने सीज किया 15,630 किलो दाल का स्टॉक, जांच जारी

जयपुर (राजस्थान) — राजधानी में स्वास्थ्य और उपभोक्ता सुरक्षा की दिशा में फूड सेफ्टी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध और संदिग्ध गुणवत्ता वाली 15,630 किलो दाल का स्टॉक सीज कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि दाल के सैंपल लेकर जांच हेतु लैब भेजे गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह उपभोक्ता के लिए सुरक्षित है या नहीं। यह कार्रवाई जयपुर सिटी फूड सेफ्टी टीम द्वारा की गई है, जो अनियमितता और खाद्य मानकों के उल्लंघन के खिलाफ निरंतर निगरानी कर रही है।

घटना के अनुसार, टीम ने फोर्ट क्षेत्र में एक गोदाम पर अचानक छापा मारा, जहां भारी मात्रा में दाल का अवैध भंडारण किया जा रहा था। फूड सेफ्टी निरीक्षक आर.पी. सिंह के नेतृत्व में की गई जांच में पाया गया कि इस दाल के स्टॉक पर कोई वैध दस्तावेज, गुणवत्ता प्रमाणपत्र या लेबलिंग मौजूद नहीं थी। इसके अलावा, पैकेजिंग और भंडारण की स्थिति भी फ़ूड सेफ्टी मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।

जांच के दौरान टीम ने कुल 15,630 किलो दाल को सीज किया और उसके कई रैंडम सैंपल लिये। इन्हें आगे की लैब जांच के लिए भेजा गया है, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि दाल को नष्ट किया जाये या बाजार में बिक्री के लिए अनुमति दी जाये। फूड सेफ्टी अधिकारीयों का कहना है कि यदि दाल में कोई भी मिलावट, कीटाणु, या गुणवत्ता‑विरोधी तत्व पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी, जिसमें दंड और मुकदमा दर्ज करना शामिल है।

फूड सेफ्टी विभाग की कार्रवाई


फूड सेफ्टी विभाग ने कहा कि यह कार्रवाई आम जनता के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए आवश्यक थी। विभाग के अधिकारी ने बताया कि यदि कोई भी खाद्य उत्पाद मानकीकृत सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ तुरंत कदम उठाया जाता है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कोई भी व्यापारी अवैध भंडारण, मिलावट या मानकों के उल्लंघन पर प्रभावी ढंग से पकड़ा जायेगा और दंड झेलना पड़ेगा।

पिछले कुछ महीनों में जयपुर में यह दूसरा मामला है जब बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री का सीज और जांच किया गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि फूड सेफ्टी विभाग उपभोक्ता सुरक्षा को लेकर सजग है और खाद्य तस्करी तथा मिलावटी सामान पर कड़ी निगरानी रख रहा है।

पोषण और स्वास्थ्य के विशेषज्ञों का मानना है कि दाल जैसे प्रोटीन‑संपन्न खाद्य पदार्थ का गुणवत्ता‑नियंत्रण आवश्यक है, क्योंकि मिलावट या अवैध भंडारण से रोग‑प्रतिरोधक क्षमता, पाचन और स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों ने उपभोक्ताओं को सलाह दी कि वे हमेशा सील्ड, प्रमाणित और लेबल्ड दाल ही खरीदें और संदिग्ध उत्पादों को खरीदने से बचें।

जांच रिपोर्ट आने के बाद अधिकारीयों की अगली कार्रवाई जनता के स्वास्थ्य हित में तय की जाएगी।
फूड सेफ्टी विभाग ने जनता से अनुरोध किया है कि यदि किसी भी अनियमितता की सूचना हो तो तुरंत संबंधित हेल्पलाइन पर सूचना दें।

 

Umesh Kumar
Author: Umesh Kumar

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