एसएमएस अस्पताल रेफरेंस सिस्टम में बेमारी
जयपुर (राजस्थान): रेफरेंस व्यवस्था की गड़बड़ियों और सिस्टम की सुस्ती से जयपुर के सवाई मान सिंह (SMS) अस्पताल में मरीजों को भारी परेशानी हो रही है। मरीजों और परिजनों द्वारा बीच अस्पताल के रेफरेंस सिस्टम पर लगातार शिकायतें सामने आई हैं, जिसमें कई विभागों के डॉक्टर रेफरेंस के समय ड्यूटी पर नहीं मिले और मरीज़ों को लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ी। Patrika News
यह समस्या ऐसे समय उभरकर सामने आई है जब SMS अस्पताल देश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक है, जहाँ रोजाना हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं। रेफरेंस की प्रक्रिया मरीजों को विशेषज्ञ जांच, टेस्ट और आगे के इलाज के लिए जरूरी विभागों से जोड़ने का काम करती है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में इसे लागू करना एक बड़ा चैलेंज बन गया है। Patrika News
System की सुस्ती से मरीजों को परेशानी
परेशान मरीजों ने स्थानीय संवाददाताओं से बताया कि कई बार रेफरेंस के लिए बुलाया गया डॉक्टर ड्यूटी पर मौजूद ही नहीं होता। कई बार मरीज और उनके परिजन घंटों इंतजार करने के बाद भी रेफरेंस नहीं मिल पाता, जिससे इलाज में देरी होती है और गंभीर स्थिति और बिगड़ जाती है। एक मरीज ने बताया कि उसे रिपोर्ट दिखाने और आगे के इलाज की सलाह लेने के लिए दो घंटे से अधिक इंतजार करना पड़ा, लेकिन कोई डॉक्टर नहीं आया। Patrika News
डॉक्टर और विशेषज्ञ कहाँ हैं?
SMS अस्पताल में कार्डियोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, एंडोक्राइनोलॉजी जैसे विभाग शामिल हैं और हर रोज रेफरेंस की संख्या हजार से अधिक होती है। लेकिन अस्पताल परिसर में कई डॉक्टर अपने कक्षों में होने के बावजूद रेफरेंस काउंटर या वार्ड में मौजूद नहीं रहते। इस वजह से मरीजों और उनके परिजन अनिश्चितता और असमंजस की स्थिति में फँसे रहते हैं। Patrika News
इसी बीच अस्पताल प्रशासन ने इस समस्या को गंभीरता से लिया है और queues और referrals जैसे सिस्टम सुधार उपायों पर काम करने की बात कही है, लेकिन फिलहाल तक कोई ठोस सुधार नहीं दिखा है। अक्सर यह देखा गया है कि सिस्टम की सुस्ती के कारण रेफरेंस प्रक्रिया ही मरीजों के इलाज में बाधा बन रही है। Patrika News
रेफरेंस प्रक्रिया के चलते देरी
विशेषज्ञों के अनुसार रेफरेंस प्रक्रिया को बेहतर और दक्ष बनाने के लिए क्लीनिकल गवर्नेंस, बेहतर स्टाफ शेड्यूलिंग और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम आवश्यक हैं। बिना सुधार के यह समस्या मरीजों और अस्पताल दोनों के लिए चिंता का विषय बनी रहेगी। Patrika News
विशेषज्ञों की राय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पताल में रेफरेंस प्रणाली की सुस्ती केवल एक तकनीकी समस्या नहीं है, बल्कि यह व्यापक प्रशासनिक और कर्मचारियों के प्रबंधन की कमी को भी दर्शाती है। विभागों के बीच समन्वय की कमी से अस्पताल की कार्यक्षमता प्रभावित होती है और मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। Patrika News
इसके अलावा, SMS अस्पताल ऐसे रेफरेंस मामलों के तहत ओवर-लोड और संसाधनों की कमी जैसी समस्याओं का भी सामना कर रहा है, जिसके कारण रेफरेंस समय से नहीं हो पा रहे हैं और परिणामस्वरूप मरीज और परिजन निराशा का सामना कर रहे हैं। Medical Dialogues
Author: Umesh Kumar
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