ईरानअमेरिका: ट्रंप के बाद ईरान ने फांसी रोकने को कहा

अमेरिका की चेतावनी के बाद ईरान ने फांसी न करने का कहा

ईरानअमेरिका तनाव के बीच आज एक महत्वपूर्ण मोड़ देखने को मिला है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों की हत्या और फांसी की योजना को रोक दिया गया है, जबकि ईरानी विदेश मंत्री ने भी फांसी के निर्णय को खारिज किया।

यह बयान 15 जनवरी 2026 को आया, जब ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा कि उन्हें “विश्वसनीय स्रोतों से” जानकारी मिली है कि **ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्याएं अब रुकी हैं और फांसी की कोई योजना नहीं है।” इसी बीच ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक साक्षात्कार में कह दिया कि “फांसी का कोई प्लान बिल्कुल नहीं है, न आज और न कल।”

ईरानअमेरिका का यह विवाद तेहरान (Iran) में पिछले महीनों से जारी विरोध प्रदर्शनों से शुरू हुआ था, जिनमें हजारों लोग आर्थिक कठिनाइयों, सरकार की नीतियों और सामाजिक असंतोष के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे। इन प्रदर्शनों में अब तक संयुक्त मानवाधिकार समूहों के अनुसार 2,500 से अधिक लोगों की मौतें हुई हैं और हजारों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पूर्व में ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी देने जैसा कदम उठाया तो अमेरिका “कड़ी कार्रवाई” करेगा, जिसमें संभावित सैन्य और कूटनीतिक दबाव शामिल हो सकते हैं। इससे पहले अमेरिका ने ईरानी अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि मानवाधिकारों के उल्लंघन पर प्रतिक्रिया होगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ाया जाएगा।

इस घोषणा के बाद ईरान सरकार के रुख में बदलाव का संकेत मिला है। हालांकि ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है कि क्या वास्तव में हिंसा “पूरी तरह समाप्त” हो गई है, उन्होंने कहा कि वे “स्थिति को देखेंगे और आगे क्या होता है यह समझेंगे।”

वहीं, प्रो-प्रोटेस्ट वीडियो और रिपोर्टों से पता चलता है कि संघर्ष अब भी कई शहरों में जारी है, लेकिन कुछ हिस्सों में हिंसा में कमी की झलक देखी जा रही है। ऐसा लगता है कि शायद कूटनीतिक दबाव का असर महसूस किया जा रहा है, लेकिन पूरी तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं है।

ईरानी प्रशासन ने कहा है कि विरोध प्रदर्शन हिंसक तत्वों द्वारा “विदेशी प्रभाव” से भड़काए गए थे और वे देश की “सुरक्षा और व्यवस्था” को बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं। दूसरी ओर, अमेरिका और यूरोपीय देशों ने मानवाधिकारों की चिंता जताई है और ईरान प्रशासन से संयम बरतने का अनुरोध किया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयान एक राजनीतिक संकेत हो सकते हैं, जिससे तनाव को कूटनीति के रास्ते हल किया जा सके और संभावित सैन्य संघर्ष को टाला जा सके। हालांकि, ईरानअमेरिका संबंधों में पूरी तरह से स्थिरता अभी बनी नहीं है और भविष्य में स्थिति बदल सकती है।

Umesh Kumar
Author: Umesh Kumar

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