बीमार और भूख में तड़पती लाचार मां को घर में कैद कर बेटा गया पुण्य कमाने महाकुंभ: चार दिनों बाद वृद्धा को पड़ोसियों ने घर से बाहर निकाला, अस्पताल में कराई गईं भर्ती
झारखंड के रामगढ़ जिले में एक बेटा अपनी बीमार विधवा मां को घर में कैद कर खुद कुंभ स्नान के लिए चला गया। चार दिनों बाद बुधवार को मामला तब सामने आया, जब, घर के अंदर से महिला ने दरवाजा खटखटाया।
पड़ोसियों ने गेट पर लगा ताला तोड़ा, फिर बुजुर्ग को बाहर निकाला गया। महिला भूख और कमजोरी से बेहाल थी। घटना रामगढ़ थाना क्षेत्र के सिरका-अरगड्डा की है।
महिला संजू देवी ( 68 वर्ष ) का इकलौते बेटे अखिलेश प्रजापति सीसीएल कर्मी है। वो मां को घर में कैद कर खुद अपनी पत्नी सोनी और बच्चों के साथ कुंभ स्नान के लिए प्रयागराज चले गए।
नगर परिषद के अरगड्डा वार्ड नंबर 13 के प्रतिनिधि सह समाजसेवी रंजीत पासवान ने बताया कि बीमार और कमजोर संजू देवी किसी तरह घिसटते हुए दरवाजे तक पहुंचीं। पड़ोसी इबरार को दरवाजा खटखटाने की आवाज सुनाई दी। इसके बाद वह दरवाजे के छेद से झांककर देखा तो अंदर एक महिला दिखीं। फिर आसपास के लोगों को घटना की सूचना दी।
सूचना मिलने के बाद संजू देवी की बेटी शालिनी कुमारी कहुआबेड़ा सिरका से मामा मनसा महतो और मौसेरे भाई मिथुन प्रजापति के साथ मौके पर पहुंची। इसके बाद पुलिस को भी सूचना दी। ताला तोड़कर महिला को बाहर निकाला गया तो वह भूख से परेशान थीं।
संजू देवी के भाई मनसा महतो ने बताया कि बहन बोलने-चलने में असमर्थ हैं। बेटा-बहू ने कुंभ जाने की कोई जानकारी नहीं दी थी। मिथुन प्रजापति ने बताया कि वृद्ध महिला के दाएं पैर और हाथ में गंभीर जख्म हैं, जिससे बदबू आ रही थी। घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ साल पहले संजू कुमारी ने अपनी सरकारी नौकरी अपने बेटे अखिलेश प्रजापति को दी थी।
