जोधपुर के दो कुलियों के बेटे NEET पास कर चमके, शहर का नाम रोशन
NEET: राजस्थान के जोधपुर से प्रेरणा देने वाली उपलब्धि सामने आई है, जहाँ रेलवे स्टेशन पर काम करने वाले दो कुलियों के बेटों ने NEET परीक्षा पास कर इतिहास रच दिया। दोनों छात्रों ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी मेहनत से न सिर्फ परिवार का नाम रोशन किया, बल्कि समाज के लिए मिसाल भी बने हैं।
पहला विद्यार्थी आयुष प्रजापत (उम्र 19), निवासी राईका बाग क्षेत्र, जिसके पिता शंकरलाल प्रजापत जोधपुर रेलवे स्टेशन पर करीब 22 साल से कुली का काम करते हैं। आयुष ने आर्थिक चुनौतियों के बावजूद स्व-अध्ययन और कोचिंग की सीमित सुविधाओं के सहारे NEET में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
दूसरा छात्र विकास मेघवाल (उम्र 18), निवासी पिपाड रोड, जिसके पिता छगन मेघवाल भी रेलवे स्टेशन पर कुली हैं। विकास ने भी कठिन परिस्थितियों के बावजूद लगातार प्रयास कर NEET में बेहतरीन रैंक हासिल की।
दोनों परिवारों ने बताया कि बच्चों ने रोज़ाना 10–12 घंटे पढ़ाई की और अपनी मेहनत से सफलता पाई। स्कूल शिक्षकों ने कहा कि दोनों छात्र शुरू से ही मेधावी रहे हैं और चिकित्सा क्षेत्र में जाने का उनका सपना रहा है।
जोधपुर प्रशासन, रेलवे कर्मचारी संगठन और स्थानीय लोगों ने दोनों छात्रों को सम्मानित करने की घोषणा की है। अधिकारी मानते हैं कि यह उपलब्धि उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है जो आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाना चाहते हैं।
Author: Umesh Kumar
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