राज्यपाल की मंजूरी से बदले कानून, तीन अधिनियमों से सजा हटी

राज्यपाल की मंजूरी से कानूनों में बड़ा बदलाव, दंड नीति में आया नया मोड़

राज्यपाल की स्वीकृति के साथ ही राजस्थान सरकार के एक अहम कानूनी फैसले पर अंतिम मुहर लग गई है। राज्यपाल ने विधानसभा से पारित तीन संशोधन विधेयकों को मंजूरी दे दी है। इन विधेयकों के तहत तीन अलग-अलग राज्य कानूनों से सजा का प्रावधान समाप्त कर दिया गया है। हालांकि, एक विशेष अपराध में जुर्माने की राशि को बढ़ाया गया है। यह फैसला जयपुर स्थित राजभवन में औपचारिक रूप से स्वीकृत किया गया।

सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य दंड प्रक्रिया को सरल बनाना है। इसके अलावा, छोटे और तकनीकी अपराधों में जेल की सजा के बजाय आर्थिक दंड को प्राथमिकता दी गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय हालिया विधानसभा सत्र में पारित हुआ था। इसके बाद विधेयकों को राज्यपाल की स्वीकृति के लिए भेजा गया था।

राज्यपाल की मंजूरी से तीन कानूनों में संशोधन

इन संशोधनों के तहत जिन तीन कानूनों में बदलाव किया गया है, उनमें पहले मामूली उल्लंघन पर भी सजा का प्रावधान था। अब इन धाराओं को हटाकर केवल जुर्माने तक सीमित कर दिया गया है। विधि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इससे अदालतों पर बोझ कम होगा। वहीं, आम नागरिकों को भी अनावश्यक कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलेगी।

इसी बीच, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला किसी अपराध को बढ़ावा देने के लिए नहीं है। बल्कि, उद्देश्य यह है कि प्रशासनिक नियमों के उल्लंघन को आपराधिक मामलों से अलग रखा जाए। राज्यपाल की मंजूरी के बाद संबंधित विभागों को नियमों में आवश्यक बदलाव करने के निर्देश जारी किए जाएंगे।

एक अपराध में बढ़ा जुर्माना

दूसरी ओर, सरकार ने एक विशेष अपराध के मामले में सख्ती बढ़ाई है। इस अपराध में अब पहले की तुलना में अधिक जुर्माना लगाया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि जुर्माने की राशि बढ़ने से नियमों का पालन सुनिश्चित होगा। इसलिए, इस अपराध को हतोत्साहित करने के लिए आर्थिक दंड को प्रभावी बनाया गया है।

वहीं, विपक्षी दलों ने इस फैसले पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। कुछ नेताओं ने कहा कि सजा हटाने से कानून कमजोर हो सकता है। इसके अलावा, बढ़ा हुआ जुर्माना आम लोगों पर असर डाल सकता है। हालांकि, सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है।

आगे की प्रक्रिया और प्रशासनिक बयान

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, राज्यपाल की स्वीकृति के बाद जल्द ही अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके बाद संशोधित कानून पूरे प्रदेश में लागू हो जाएंगे। सरकार का दावा है कि यह कदम “ईज ऑफ डूइंग गवर्नेंस” को मजबूत करेगा और कानून व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक बनाएगा।

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Author: Umesh Kumar

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