जयपुर: नीरजा मोदी स्कूल मामले में शिक्षा विभाग सख्त, प्रबंधन को नोटिस
जयपुर, राजस्थान — राजधानी जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में 9 वर्षीय छात्रा अमायरा की संदिग्ध मौत के बाद शिक्षा विभाग नोटिस जारी करते हुए स्कूल प्रबंधन से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा गया है। निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने स्कूल को सात दिनों के भीतर जवाब देने का आदेश दिया है, जिससे अगर संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता, तो आगे कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। Amar Ujala
यह मामला 1 नवंबर 2025 को तब सामने आया था, जब चौथी कक्षा की छात्रा अमायरा कथित रूप से स्कूल की चौथी मंजिल से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुई और अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद छात्रा के परिजनों ने आरोप लगाया कि बुरी तरह बुलिंग (उत्पीड़न) का सामना करने के बाद अमायरा को कोई सहारा नहीं मिला। The Hawk+1
शिक्षा विभाग का नोटिस
राजस्थान के माध्यमिक शिक्षा निदेशक कार्यालय ने नीरजा मोदी स्कूल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में स्कूल से कहा गया है कि वह मृत्यु से जुड़े हालात, सुरक्षा व्यवस्थाओं, तथा विद्यालय की भूमिका के बारे में विस्तृत विवरण उपलब्ध कराए। निदेशक ने स्पष्ट किया है कि विभाग धमनी बच्चों की सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर सख्त है और जवाब असंतोषजनक होने पर स्कूल के खिलाफ आगे की कार्रवाई हो सकती है। Amar Ujala
जांच और सीबीएसई का दबाव
यह शिक्षा विभाग की कार्रवाई ऐसे समय में आई है, जब सीबीएसई (Central Board of Secondary Education) ने भी स्कूल को शो कॉज़ नोटिस जारी किया था और 30 दिनों में जवाब मांगते हुए स्कूल से जवाब तलब किया था। सीबीएसई की जांच समिति ने पाया कि छात्रा ने लगभग 18 महीने तक बुलिंग का सामना किया, लेकिन शिक्षकों और प्रशासन ने समय पर कार्रवाई नहीं की। इसके अलावा स्कूल पर गंभीर सुरक्षा मानकों और निगरानी प्रणाली के उल्लंघन के आरोप भी लगे हैं। The Hawk+1
घटना की पृष्ठभूमि
अमायरा की मौत के मामले में स्कूल प्रबंधन पर आरोप हैं कि घटना स्थल से सबूत मिटाने का प्रयास भी किया गया। परिजनों ने यह भी कहा कि छात्रा ने कई बार सहायता के लिए शिक्षकों से संपर्क किया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस वजह से जांच सख्त होती गई और शिक्षा विभाग तथा सीबीएसई दोनों ने अलग-अलग टीमों के साथ मामले की जांच की। Samacharnama+1
अभिभावकों और समाज की प्रतिक्रिया
अमायरा की मौत के बाद अभिभावकों और नागरिकों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। जयपुर में कैंडल मार्च और विरोध प्रदर्शन भी आयोजित किए गए। सामाजिक संगठनों ने शिक्षा विभाग से कहा है कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि ऐसे दु:खद हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। Dainik Navajyoti Rising Rajasthan
प्रशासन का रुख
शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि विभाग सभी तथ्यों को गंभीरता से देख रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी यदि जांच रिपोर्ट में लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है। Amar Ujala
Author: Umesh Kumar
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