श्रीगंगानगर जेल में कैदी की मौत, जांच के आदेश
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिला कारागार में एक कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक तौर पर मौत की वजह हार्ट अटैक की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों का खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट जांच कराए जाने के आदेश दिए गए हैं।
यह घटना श्रीगंगानगर शहर स्थित जिला कारागार की है। जेल सूत्रों के अनुसार, कैदी का शव बैरक के अंदर कंबल में लिपटा हुआ मिला। घटना का पता उस समय चला, जब सुबह के समय जेल स्टाफ ने नियमित निरीक्षण किया। इसके बाद तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी गई।
बैरक में कंबल में लिपटा मिला शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक कैदी रात के समय बैरक में ही सोया हुआ था। सुबह जब अन्य कैदियों को जगाया गया, तो वह कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था। जेलकर्मियों ने पास जाकर देखा तो वह कंबल में लिपटा हुआ अचेत अवस्था में पड़ा था। इसके बाद जेल प्रशासन ने तत्काल चिकित्सकीय टीम को बुलाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इसी बीच, घटना की सूचना कोतवाली थाना क्षेत्र पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जेल प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया गया।
हार्ट अटैक की आशंका, पोस्टमार्टम से होगा खुलासा
वहीं, जेल प्रशासन की ओर से बताया गया कि कैदी की मौत की आशंका हार्ट अटैक से जताई जा रही है। हालांकि, शरीर पर किसी तरह की बाहरी चोट के स्पष्ट निशान सामने नहीं आए हैं। इसके अलावा, कैदी को पहले से कोई गंभीर बीमारी थी या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
दूसरी ओर, कानून के अनुसार जेल में होने वाली हर कैदी की मौत के मामले में न्यायिक जांच अनिवार्य होती है। इसलिए, इस मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा जांच कराई जाएगी। जांच में जेल रिकॉर्ड, मेडिकल रिपोर्ट और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
प्रशासन का बयान और पृष्ठभूमि
जेल प्रशासन ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत अपनाई जा रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
इसलिए, फिलहाल कैदी की मौत को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और न्यायिक जांच के बाद ही मौत के असली कारण स्पष्ट हो पाएंगे।
Author: Umesh Kumar
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