सोना‑चांदी रिकॉर्ड हाई पर: चांदी ₹14 हजार चढ़ी, सोना ₹1.40 लाख/10g
नई दिल्ली — भारत के सर्राफा बाजार में आज कीमतें ने निवेशकों को चौंका दिया जब चांदी और सोने ने दोनों ऐतिहासिक उच्च स्तर छू लिया। चांदी की कीमत एक ही दिन में लगभग ₹14,000 प्रति किलो बढ़ गई और सोने के दाम भी ₹2,883 प्रति 10 ग्राम की तेजी के साथ ₹1.40 लाख के करीब पहुंच गए। यह तेजी देश में दोनों धातुओं के प्रति मांग और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का परिणाम है, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी और बढ़ गई है।
आज एमसीएक्स पर चांदी 2,63,996 रुपये प्रति किलो के स्तर तक पहुंच गई, जो पहले के रिकॉर्ड से भी ऊपर है। वहीं सोना भी 1,41,250 रुपये प्रति 10 ग्राम के इर्द‑गिर्द कारोबार कर रहा है। इस उछाल के कारण अब सोना‑चांदी दोनों ही «ऑल टाईम हाई» पर हैं और बाजार में यह तेजी बनी हुई है।
चांदी की उछाल और कारण
चांदी की कीमतें में अचानक भारी वृद्धि का मुख्य कारण बढ़ती वैश्विक मांग, औद्योगिक उपयोग और निवेशकों की रुचि है। चांदी का उपयोग न केवल आभूषणों में बल्कि सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और डेटा सेंटर जैसे सेक्टर में भी तेजी से बढ़ा है, जिससे उसकी प्रवृत्ति में मजबूती आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सप्लाई संकुचन और वैश्विक बाजार में मजबूती भी इस तेजी का समर्थन कर रहे हैं।
बाजार के विश्लेषकों के अनुसार, चांदी की कीमतें पिछले कुछ सत्रों में लगातार रिकॉर्ड स्तर पार कर रही हैं और निवेशक इसे सुरक्षित निवेश मानते हुए खरीद रहे हैं। इससे चांदी की कीमतों में स्थिरता और मजबूती देखी जा रही है।
सोने की मजबूती
वहीं सोने की कीमतें भी मजबूती दिखा रही हैं। आज सुबह सर्राफा बाजार में सोने का दाम ₹1.40 लाख प्रति 10 ग्राम के करीब रहा, जो निवेशकों और ज्वैलर्स के लिए एक महत्वपूर्ण स्तर है। सोने की यह तेजी वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, मुद्रास्फीतिक दबाव और निवेशकों की सुरक्षित संपत्ति की तलाश के बीच आ रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब वैश्विक बाजार में अस्थिरता होती है, तो निवेशक अक्सर सोने और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं। यह मांग बढ़ने से इन धातुओं की कीमतों में निरंतर उछाल आया है।
निवेशकों के साथ उपभोक्ताओं पर प्रभाव
इस तेजी का प्रभाव सामान्य उपभोक्ताओं और ज्वैलर्स पर भी पड़ा है। त्योहारों के सीजन में आमतौर पर सोना‑चांदी की मांग बढ़ती है, लेकिन इस रिकॉर्ड वृद्धि के कारण कुछ खरीदार खरीदारी में संशय का सामना कर रहे हैं। वहीं कुछ निवेशक इस समय को खरीदारी का अवसर मान रहे हैं क्योंकि भविष्य में कीमतों के और बढ़ने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
आगे के कारोबारी सत्रों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कीमतें अपनी इस ऊंचाई को बरकरार रखती हैं या बाजार में किसी तरह का सुधार आता है।
Author: Umesh Kumar
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