श्रीगंगानगर में अमेरिका विरोधी प्रदर्शन: ट्रंप का पुतला जलाया
श्रीगंगानगर प्रदर्शन में गुरुवार को राजस्थान के श्रीगंगानगर शहर में अमेरिका के खिलाफ प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और उन्होंने अमेरिकी नीतियों के विरुद्ध अपनी नाराज़गी प्रकट की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला भी जलाया, जिसे उन्होंने अमेरिकी साम्राज्यवाद और आधिपत्य की प्रतीक बताया।
श्रीगंगानगरप्रदर्शन की शुरुआत महाराजा गंगासिंह चौक पर हुई, जहाँ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने एक सभा का आयोजन किया। सभा में वक्ताओं ने अमेरिका की विदेश नीति और कथित दादागिरी पर तीखी आलोचना की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अमेरिका अपने अध्ययन, राजनीति और वैश्विक संबंधों में छोटे देशों पर दबाव डालता है और उनकी संप्रभुता को प्रभावित करने की कोशिश करता है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अमेरिकी साम्राज्यवाद को स्वीकार नहीं करेंगे और भारत को अपनी विदेश नीति में स्वतंत्र और मजबूत रुख अपनाने की आवश्यकता है। सभा के बाद प्रदर्शनकारी जिला कलेक्ट्रेट के समीप महाराजा गंगासिंह चौक पर आए, जहाँ उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप का पुतला दहन किया और जोरदार नारे लगाए। यह कदम उन्होंने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में उचित संतुलन और छोटे देशों के अधिकारों की रक्षा की प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति बताया।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मज़दूर, किसान और स्थानीय पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नीतियाँ गरीब और विकासशील देशों के हितों के विपरीत हैं, और उन नीतियों से वैश्विक असमानता बढ़ती है। स्थानीय आयोजकों ने जोर देकर कहा कि भारतीय जनता हमेशा स्वंतत्रता और समान सम्मान की हिमायती रही है और किसी भी बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं करेगी।
इस बीच पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को अनुमति दी और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय मुद्दों के साथ दो मामलों की निष्पक्ष जांच की भी मांग रखी। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि प्रशासन उनके स्थानीय मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई करे।
विशेषज्ञ बताते हैं कि ऐसी विरोध सभाओं में अक्सर वैश्विक राजनीतिक निर्णयों का स्थानीय स्तर पर असर दिखता है। श्रीगंगानगर जैसे क्षेत्रों में, जहाँ कृषि, व्यापार और कामगार वर्ग की भागीदारी अधिक है, जनता की आवाज़ वैश्विक राजनीति के प्रभाव को सीधे महसूस कर सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, सामाजिक समूहों द्वारा सार्वजनिक मंचों पर ऐसी अभिव्यक्तियाँ राजनीतिक चेतना और वैश्विक राजनीतिक मुद्दों पर नागरिक जागरूकता दर्शाती हैं।
इस प्रदर्शन का उद्देश्य न केवल विरोध करना था, बल्कि यह भी बताना था कि स्थानीय नागरिक वैश्विक राजनीति और नीतियों को समझते हैं और उनसे प्रभावित होते हैं। प्रदर्शनकारियों ने जोर दिया कि भारत को आत्मनिर्भर विदेश नीति, समान सम्मान और सहयोग पर आधारित अंतरराष्ट्रीय संबंध विकसित करने चाहिए।
पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और कोई बड़ा अप्रिय घटना दर्ज नहीं की गई। प्रशासन ने घोषणा की है कि यदि भविष्य में इसी तरह के आयोजनों में सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था बनाए रखी जाएगी, तो वे समर्थकों को शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान करेंगे।
Author: Umesh Kumar
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