केवीके छात्रों का संगरिया भ्रमण: नवीन कृषि तकनीक से परिचय

बीएससी एग्रीकल्चर छात्रों का केवीके संगरिया भ्रमण

हनुमानगढ़, राजस्थान — बीएससी एग्रीकल्चर के छात्रों ने केवीके संगरिया का एक शैक्षिक भ्रमण किया, जिसमें वे नवीन कृषि तकनीकों और अनुसंधान गतिविधियों से परिचित हुए। यह कार्यक्रम केवीके, संगरिया (Krishi Vigyan Kendra, Sangaria) में आयोजित किया गया था, जो भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के तहत काम करता है और कृषि ज्ञान तथा तकनीक का प्रसार करता है। केवीके का उद्देश्य किसानों तथा कृषि विद्यार्थियों को आधुनिक और सुदृढ़ कृषि पद्धतियों की जानकारी देना है।

भ्रमण का आयोजन बुधवार देर सुबह लगभग 10:00 बजे शुरू हुआ। बीएससी एग्रीकल्चर के तीसरे तथा चौथे वर्ष के लगभग 70 छात्रों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था कि छात्र प्रयोगशालाओं, खेतों, तकनीकी डेमोंस्ट्रेशन यूनिटों तथा अनुसंधान गतिविधियों को प्रत्यक्ष रूप से देख सकें और सीख सकें कि कैसे नवीन कृषि तकनीकों को खेतों में लागू किया जाता है।

इस दौरान छात्रों को केवीके के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने ड्रिप इरीगेशन, पॉलीहाउस टेक्नोलॉजी, मिट्टी स्वास्थ्य परीक्षण, उन्नत बुवाई तकनीक समेत कई आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी। वैज्ञानिकों ने बताया कि ये तकनीकें उत्पादन में वृद्धि, लागत में कमी और पर्यावरण संरक्षण में सहायक हैं। छात्रों ने इन तकनीकों पर सवाल पूछे और उनके व्यावहारिक उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की।

भ्रमण की मुख्य गतिविधियाँ

भ्रमण के दौरान छात्रों ने केवीके के डेमोंस्ट्रेशन प्लॉट्स का अवलोकन किया, जहाँ विविध फसलों की उन्नत किस्में और खेती के नए मॉडल प्रदर्शित किए गए थे। इसके अलावा, छात्रों ने लैब वर्कशॉप में मिट्टी का परीक्षण और उर्वरक निर्धारण प्रक्रिया को भी देखा। वैज्ञानिकों ने बताया कि केवीके में ये प्रक्रियाएँ किसानों और विद्यार्थियों दोनों के लिए प्रैक्टिकल सीखने का महत्त्वपूर्ण स्रोत हैं।

प्रोफेसर और कार्यक्रम संयोजक डॉ. अरविंद कुमार ने कहा कि इस प्रकार के भ्रमण छात्रों को कक्षा के बाहर व्यावहारिक अनुभव प्रदान करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि “आज की युवा पीढ़ी यदि कृषि में नवीन तकनीकों को समझेगी, तभी भविष्य में वह कृषि को एक आधुनिक और लाभकारी व्यवसाय में बदल सकती है।” छात्रों ने इस अवसर का लाभ उठाते हुए केवीके के वैज्ञानिकों से कृषि अनुसंधान, बीज विकास और बचाव तकनीकों पर बहस भी की।

छात्रों का अनुभव

बीएससी एग्रीकल्चर की छात्रा पाखी शर्मा ने कहा कि इस भ्रमण से उन्हें खेती के व्यावहारिक पक्ष को समझने का मौका मिला। उन्होंने बताया कि ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और उन्नत बीज किस प्रकार फसलों की पैदावार बढ़ा सकते हैं, यह उन्होंने प्रत्यक्ष रूप से देखा और सीखा। दूसरी ओर छात्र अजय सिंह ने कहा कि “हमें आज के कृषि अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों के बारे में काफी कुछ नया जानने को मिला, जो हमारी पढ़ाई और करियर दोनों के लिए उपयोगी होगा।”

Background और असर

केवीके का उद्देश्य यह है कि शोध तथा कृषि विकास को जमीन तक पहुँचाया जाए और किसान तथा विद्यार्थी इन तकनीकों को अपनाकर खेती को और अधिक लाभकारी बना सकें। ऐसे भ्रमण से न केवल छात्रों को नवीन कृषि तकनीकों की समझ मिलती है, बल्कि यह उन्हें तकनीकी दक्षता और अनुसंधान की दिशा में सोच विकसित करने में भी मदद करता है।

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Author: Umesh Kumar

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