इंदौर दूषित पानी मामला: राहुल गांधी का ‘डबल इंजन स्मार्ट सिटी’ हमला
मध्य प्रदेश के इंदौर (Indore), भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई बीमारी और मौतों को लेकर शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सख्त हमला बोला। उन्होंने बिजेपी (BJP) की “डबल इंजन सरकार” पर आरोप लगाया कि उनका स्मार्ट सिटी मॉडल देशवासियों के लिए ज़हर साबित हो रहा है।
इंदौर का यह मामला सड़क, सीवर और जल आपूर्ति प्रणाली से जुड़ा हुआ है, जहाँ कुछ दिनों पहले पेयजल में सीवर का मिश्रण मिलने से लोगों को उल्टी-दस्त जैसी बीमारियाँ फैलीं और दर्जनों नागरिकों की मौत हुई हैं। स्थानीय अस्पतालों में अभी भी कई मरीज उपचाराधीन हैं।
राहुल गांधी ने सामाजिक प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए लिखा-
“पानी में ज़हर, हवा में ज़हर, दवा में ज़हर, ज़मीन में ज़हर —
यह BJP की डबल इंजन सरकार का नया स्मार्ट सिटी मॉडल है…”
इसी बीच उन्होंने प्रश्न उठाया कि आखिर लोगों ने बार-बार बदबूदार, दूषित पानी की शिकायत क्यों की, फिर भी समय रहते आपूर्ति बंद क्यों नहीं की गई और जिम्मेदार अफसरों तथा नेताओं पर कार्रवाई कब होगी। राहुल ने कहा कि साफ पानी कोई एहसान नहीं, बल्कि जीवन का अधिकार है, और इसके अभाव में हुई मौतें प्रशासन की ज़िम्मेदारी ही नहीं, विफलता भी हैं।
इस दौरे के दौरान राहुल गांधी ने भागीरथपुरा के पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और अस्पताल में बीमार मरीजों का हाल-चाल जाना। उन्होंने मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी और प्रशासन से तुरंत प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
📍 स्थान: इंदौर, भागीरथपुरा इलाका
📅 घटना की तारीख: जनवरी 2026
⏰ समय: राहुल के दौरे का समय दोपहर के आसपास था
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि यह समस्या केवल इंदौर तक सीमित नहीं है बल्कि कई शहरों में देशवासियों को पेयजल, हवा और पर्यावरण की गुणवत्ता के संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सामाजिक और पर्यावरणिक कारकों पर ध्यान नहीं दे रही और इससे सामान्य नागरिकों का जीवन प्रभावित हो रहा है।
पुलिस / प्रशासनिक प्रतिक्रिया:
स्थानीय स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने प्रकोप के बाद कई अधिकारियों को निलंबित कर दिया है और मामले की जांच जारी है, जबकि मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता भी देने की घोषणा की गई है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ मौतें अन्य बीमारियों के कारण भी हो सकती हैं, लेकिन सभी प्रभावितों को मदद दी जाएगी।
पृष्ठभूमि:
इंदौर को देश के ‘सबसे स्वच्छ शहरों’ में शुमार किया जाता रहा है। ऐसे में यहां दूषित पानी से मौतों का मामला देश और राजनीति दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है। प्रशासकीय विफलता और संसाधनों की कमी को लेकर कई विपक्षी नेता सवाल उठा रहे हैं।
Author: Umesh Kumar
welcome to Jhalko Bagdi



