मर्चेंट नेवी में नौकरी का झांसा, 1.96 लाख ठगे गए
मुंबई (महाराष्ट्र) — एक व्यक्ति ने मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 1.96 लाख रुपये की ठगी कर दी। पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने उसे 45 दिन तक मुंबई में बैठाकर रखा और नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे वसूले। इसके बाद आरोपी ने जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे पीड़ित मानसिक रूप से परेशान हो गया।
इसी बीच, पीड़ित ने बताया कि आरोपी ने नौकरी का झांसा देकर उसे मुंबई लुभाया। वहां उसे अलग‑अलग बहानों से पैसे देने को कहा गया। करीब डेढ़ महीने तक पीड़ित को मुंबई में रखा गया और लगातार दबाव बनाया गया कि यदि पैसे नहीं दिए तो उसे नौकरी नहीं मिलेगी।
ठगी के तरीके का खुलासा
जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने पीड़ित को फर्जी डॉक्यूमेंट और नौकरी का ऑफर दिखाकर विश्वास में लिया। पीड़ित ने जैसे ही पैसे देने से इनकार किया, आरोपी ने उसे धमकाना शुरू कर दिया। यह मामला जागरूक नागरिकों और पुलिस की तत्परता की जरूरत को भी उजागर करता है।
पुलिस कार्रवाई और कानूनी पहल
पीड़ित की शिकायत पर स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज किया। पुलिस ने कहा कि इस प्रकार की ठगी आम तौर पर नौकरी के लालच में युवा लोगों को निशाना बनाती है। पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है और घटनास्थल के साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
इसके अलावा, पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि कोई भी नौकरी लेने से पहले सभी दस्तावेज़ और ऑफिशियल वेरिफिकेशन जरूर करें। यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार की ठगी या धमकी का शिकार हो, तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
बढ़ती नौकरी ठगी की घटनाओं पर चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि मर्चेंट नेवी जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों को ठगना साइबर और वास्तविक दोनों तरह से बढ़ रहा है। ऐसे मामलों में पीड़ित न केवल आर्थिक नुकसान उठाते हैं, बल्कि मानसिक तनाव और धमकियों का भी सामना करते हैं।
इसलिए, पुलिस और प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान और त्वरित कार्रवाई में जुटे हैं। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक आरोपी को पकड़ने की कोशिश जारी रहेगी।
दूसरी ओर, इस मामले ने यह स्पष्ट किया कि नौकरी के नाम पर ठगी रोकने के लिए युवाओं में सतर्कता और आधिकारिक वेरिफिकेशन का महत्व अत्यंत जरूरी है।
Author: Umesh Kumar
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