अजित पवार के निधन की खबर फर्जी, प्रशासन ने किया खंडन
महाराष्ट्र के डिप्टी मुख्यमंत्री अजित पवार के प्लेन क्रैश में निधन से जुड़ी खबरें पूरी तरह अफवाह साबित हुई हैं। बुधवार को सोशल मीडिया और कुछ मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर यह दावा तेजी से फैलाया गया कि बारामती में लैंडिंग के दौरान उनके चार्टर्ड विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से उनकी मौत हो गई। हालांकि, इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासनिक स्तर पर इसे भ्रामक बताया गया है।
जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मैसेज में प्लेन क्रैश, पांच लोगों की मौत, राजकीय शोक और अंतिम संस्कार तक की बातें लिखी गईं। जांच में सामने आया कि इस कथित घटना को लेकर न तो नागरिक उड्डयन मंत्रालय, न महाराष्ट्र सरकार और न ही किसी अधिकृत एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। इसलिए यह स्पष्ट है कि यह खबर अफवाह के आधार पर फैलाई गई।
प्रशासन और आधिकारिक सूत्रों का रुख
सरकारी और राजनीतिक सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि अजित पवार सुरक्षित हैं और उनके साथ किसी भी प्रकार की विमान दुर्घटना की कोई सूचना दर्ज नहीं है। इसी बीच प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की अफवाह पर भरोसा न करें और न ही बिना पुष्टि किसी खबर को साझा करें।
वहीं, नागरिक उड्डयन से जुड़े रिकॉर्ड में भी बारामती एयरपोर्ट पर किसी विमान दुर्घटना की कोई आधिकारिक एंट्री नहीं पाई गई है। इसके अलावा एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) या किसी अन्य जांच एजेंसी की ओर से भी इस तरह की किसी जांच की पुष्टि नहीं की गई है।
सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों का खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की अफवाह समाज में भ्रम, डर और अविश्वास पैदा करती है। किसी जीवित सार्वजनिक व्यक्ति की मौत की झूठी खबर न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि इससे कानून-व्यवस्था और सामाजिक शांति पर भी असर पड़ सकता है। इसी बीच यह भी देखा गया कि कई यूजर्स ने बिना किसी स्रोत के इस खबर को आगे बढ़ा दिया।
दूसरी ओर मीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि पाठकों को केवल विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोतों से आई जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए। किसी भी बड़ी घटना, खासकर विमान दुर्घटना या किसी बड़े नेता के निधन जैसी खबर की पुष्टि हमेशा सरकारी बयान या मान्यता प्राप्त समाचार एजेंसियों से होनी चाहिए।
जनता से अपील
इसलिए प्रशासन और मीडिया संगठनों ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह को साझा करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांचें। फिलहाल अजित पवार के निधन से जुड़ी खबरें पूरी तरह फर्जी हैं और इनका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।
Author: Umesh Kumar
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