देश का आर्थिक रिपोर्ट कार्ड आज पेश, बजट 1 फरवरी
नई दिल्ली: केंद्र सरकार आज, 29 जनवरी 2026 को संसद में आर्थिक रिपोर्ट कार्ड यानी इकोनॉमिक सर्वे पेश करेगी। इस रिपोर्ट में महंगाई, कृषि उत्पादन, रोजगार सृजन और निवेश की स्थिति पर अपडेट दी जाएगी। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह सर्वे अगले महीने 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट के लिए मार्गदर्शक का काम करेगा।
इसी बीच, वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इस साल महंगाई दर, विशेषकर खाद्य और ईंधन पर, पूरे साल की तुलना में स्थिर रहने की संभावना है। वहीं, कृषि क्षेत्र में किसान आय बढ़ाने और उत्पादन सुधार के लिए कई नई योजनाओं का डेटा शामिल किया गया है।
नौकरी और निवेश पर फोकस
सर्वे में रोजगार के अवसरों की समीक्षा की जाएगी। रिपोर्ट में सरकारी और निजी क्षेत्रों में नौकरियों की स्थिति, बेरोजगारी दर, और स्टार्टअप एवं MSME सेक्टर में निवेश के आंकड़े शामिल होंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि रोजगार सृजन की दिशा में यह सर्वे सरकार की आगामी नीतियों का संकेत देगा।
इसके अलावा, वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और घरेलू वित्तीय स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया गया है। भारत के GDP ग्रोथ रेट, निर्यात-आयात संतुलन और विदेशी निवेश की स्थिति पर डेटा प्रस्तुत किया जाएगा। वित्त मंत्रालय का मानना है कि यह सर्वे नीति निर्माताओं और निवेशकों के लिए मार्गदर्शक साबित होगा।
सरकारी तैयारी और बयान
वित्त सचिव निर्मला सीतारमण ने कहा, “हमने इस बार आर्थिक सर्वे में सभी सेक्टर्स की पूरी समीक्षा की है। यह रिपोर्ट बजट 2026 के लिए अहम इनपुट देगी।” उन्होंने यह भी कहा कि महंगाई नियंत्रण और कृषि सुधार योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।
पृष्ठभूमि और महत्व
इकोनॉमिक सर्वे हर साल बजट पेश होने से एक दिन पहले जारी होती है। यह भारत की आर्थिक स्थिति का विस्तृत विश्लेषण देती है और आने वाले वित्तीय वर्ष के लिए नीतिगत दिशा तय करने में मदद करती है। पिछले साल की सर्वे रिपोर्ट में ग्रामीण विकास और डिजिटल इंडिया पहल की प्रगति को प्रमुखता दी गई थी।
देश की अर्थव्यवस्था, कृषि सुधार और रोजगार सृजन के लिए यह रिपोर्ट निवेशकों, उद्योगपतियों और नीति निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण संकेतक मानी जाती है।
Author: Umesh Kumar
welcome to Jhalko Bagdi



