आर्मी चीफ: 8 आतंकी कैंप एक्टिव, ऑपरेशन सिंदूर जारी

आर्मी चीफ बोले‑ पाकिस्तान सीमा पर 8 आतंकी कैंप एक्टिव, ऑपरेशन सिंदूर जारी

नई दिल्ली: भारतीय आर्मी प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार, 13 जनवरी 2026 को वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान सीमा और नियंत्रण रेखा (LoC) पर सुरक्षा हालात को लेकर सख्त बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि “ऑपरेशन सिंदूर” अभी भी जारी है और पाकिस्तान की ओर से किसी भी दुस्साहस या हरकत का कड़ा जवाब दिया जाएगा।

आर्मी चीफ ने कहा कि जम्मू‑कश्मीर सहित सीमाई क्षेत्रों में स्थिति संवेदनशील लेकिन नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि IB और LoC के पास करीब 8 आतंकी कैंप अभी भी सक्रिय हैं, जिन पर भारतीय सेना की नजर बनी हुई है। इनमें से 6 कैंप LoC के पास और 2 कैंप इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) के पास हैं।

सेना प्रमुख ने कहा कि इन कैंपों में लगभग 100‑150 आतंकियों के होने की संभावना है, और यह कम संख्या नहीं है। इसलिए भारतीय आर्मी हर पल तैयार और सजग है। उन्होंने चेताया कि पाकिस्तान की ओर से अगर किसी भी तरह की हिमाकत होती है, तो भारत बिना विलंब जवाब देगा।

इसी दौरान जनरल द्विवेदी ने बताया कि “ऑपरेशन सिंदूर” पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। हालांकि पिछले साल मई 2025 में इस ऑपरेशन के तहत कई आतंकी ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की गई, सेना अभी भी अपने eyes & ears खुले रखे हुए है और लगातार इलाके की निगरानी कर रही है।

📍 विवरण और सिनियर टर्की

आर्मी चीफ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा कि 2025 में कुल 31 आतंकियों को निष्क्रिय किया गया, जिनमें से 65 प्रतिशत कथित तौर पर पाकिस्तानी मूल के थे। उन्होंने लोगो को भरोसा दिलाया कि सेना देश की सुरक्षा को सर्वोपरि मानती है और किसी भी चुनौती का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने कहा कि LoC और IB पर सुरक्षा बलों की तैनाती मजबूत और संतुलित है। वहीं राज्य सरकारों, राष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों और संबंधित मंत्रालयों के साथ समन्वय भी निरंतर जारी है, ताकि किसी भी तरह की उकसावे वाली हरकत को पहले से ही रोका जा सके।

📌 ऑपरेशन सिंदूर: पृष्ठभूमि

ऑपरेशन सिंदूर’ को भारत ने 22 अप्रैल 2025 में शुरू किया था, जब जम्मू‑कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद आतंकवादी ढांचों को निशाना बनाया गया। इसके अंतर्गत पाकिस्तान और PoK में कई आतंकी कैंपों पर सटीक हमले किए गए थे, जिनमें से अधिकांश ठिकानों को निशाना बनाया गया।

विश्लेषकों का कहना है कि इन कार्रवाइयों से पाकिस्तान‑भारत सीमा पर आतंकवादी नेटवर्क कमजोर हुआ, लेकिन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। इसलिए सेना का कहना है कि सतर्कता अभी भी जरूरी है।

🧭 सुरक्षा और रणनीति

इसके अलावा आर्मी चीफ ने यह भी कहा कि सेना ने आतंकवाद की चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी क्षमताओं को और अधिक मजबूत किया है। ड्रोन निगरानी, रणनीतिक पहरे, और रॉकेट फोर्स की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्रों में हर पल बदलाव संभव है, इसलिए सेना हर स्थिति के लिए तैयार रहती है। इसलिए आर्मी की नजर सदा सतर्क और सावधान है।

Umesh Kumar
Author: Umesh Kumar

welcome to Jhalko Bagdi

Picture of Umesh Kumar

Umesh Kumar

Leave a Comment

Leave a Comment

इस पोस्ट से जुड़े हुए हैशटैग्स