योग्यता: अनपढ़ नहीं होंगे पार्षद‑सरपंच उम्मीदवार

राजस्थान में अनपढ़ नेता नहीं लड़ सकेंगे पार्षद‑सरपंच चुनाव

जयपुर (राजस्थान) — योग्यता को लेकर प्रदेश में एक बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया गया है। राजस्थान सरकार ने पार्षद और सरपंच चुनावों में शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भेजा है। इसके लागू होने पर अनपढ़ या 10वीं पास नहीं होने वाले उम्मीदवार स्थानीय चुनाव लड़ नहीं सकेंगे। ABP News+1

स्थानीय स्वशासन विभाग और शहरी विकास विभाग ने यह प्रस्ताव तैयार किया है। इसके मुताबिक, यदि मुख्यमंत्री मंजूरी देते हैं और विधायी संशोधन हो जाता है, तो पंचायती राज और शहरी निकाय चुनाव नियमों को बदला जाएगा। इसके तहत सरपंच पद के लिए कम से कम 10वीं पास होना अनिवार्य होगा। वहीं पार्षद पद पर 10वीं या 12वीं पास शर्त लागू करने की बात भी कही जा रही है। ABP News+1

सरकारी प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि शहरी निकायों के मेयर, सभापति व प्रमुखों के लिए भी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता तय की जा सकती है। यह बदलाव अगले बजट सत्र में Panchayati Raj Act और Municipalities Act में संशोधन के जरिए किया जाएगा। ABP News

राजस्थान में पहले भी शैक्षणिक योग्यता का सवाल उठा था। 2015 में इसी तरह का नियम लागू किया गया था, जिसमें कुछ पदों के लिए कक्षा 8वीं या 10वीं पास शर्त रखी गई थी, लेकिन बाद की सरकार ने इसे 2019 में हटा दिया था। उस समय यह तर्क दिया गया था कि यह शर्त गरीब और वंचित वर्ग के लोगों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से बाहर कर देगी। ABP News

📅 घटना का समय और प्रस्ताव:
यह नए प्रस्ताव की जानकारी 25 दिसंबर 2025 को सामने आई जब शहरी विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इसे मुख्यमंत्री के पास भेजा।
📍 स्थान: जयपुर, राजस्थान। ABP News

🗣️ सरकार का उद्देश्य:
यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा है कि नई शैक्षणिक योग्यता से यह सुनिश्चित होगा कि स्थानीय स्तर पर चुने गए प्रतिनिधि बेहतर प्रशासन और फैसले लेने में सक्षम हों।
उनका कहना है कि इससे जनता को प्रभावी सेवा और जवाबदेही मिलेगी। ABP News

📊 विश्लेषण:
राजस्थान में स्थानीय चुनावों में न्यूनतम शिक्षा शर्त लागू करने का विचार किसी भी वर्ग विशेष को मतदान का अधिकार देने पर असर नहीं डालेगा क्योंकि यह नियम मत देने के अधिकार को प्रभावित नहीं करता। यह केवल चुनाव लड़ने की शर्त को प्रभावित करेगा। NewsDrum

लेकिन इस प्रस्ताव के आलोचक कहते हैं कि शैक्षणिक आधार पर चुनाव लड़ने की शर्त गरीब, ग्रामीण और कम शिक्षा वाले वर्ग को राजनीतिक प्रक्रिया से वंचित कर सकती है। भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों के बीच इस पर राजनीतिक बहस भी तेज होती जा रही है। ABP News

🚓 कानूनी प्रक्रिया आगे:
शर्त लागू होने के लिए दो मुख्य कानूनों — Panchayati Raj Act और Municipal Law — में संशोधन करना होगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अनुमोदन के बाद दोनों संशोधन प्रस्ताव विधानसभा के बजट सत्र में लाए जाएंगे। NewsDrum

इसी बीच विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने कहा है कि यह कदम लोकतंत्र की व्यापक भागीदारी पर प्रभाव डाल सकता है और सरकारी योजनाओं व शिक्षा प्रसार की आवश्यकता को और उजागर करेगा। ABP News

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Author: Umesh Kumar

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