भादरा में एक ही रात तीन दुकानों में चोरी, व्यापारियों में रोष
भादरा (हनुमानगढ़, राजस्थान):
लगातार बढ़ती चोरी की घटनाओं ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। ताजा मामला एक ही रात में तीन अलग-अलग दुकानों को निशाना बनाए जाने का है, जहां चोर हजारों रुपये का सामान और नकदी लेकर फरार हो गए। सुबह जब दुकानदार दुकानें खोलने पहुंचे, तो ताले टूटे देख उनके होश उड़ गए।
जानकारी के अनुसार यह घटनाएं भादरा कस्बे के व्यस्त बाजार क्षेत्र में सामने आई हैं। चोरों ने रात के समय सुनसान का फायदा उठाते हुए दुकानों के ताले तोड़े और भीतर रखी नकदी के साथ-साथ कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया। चोरी की सूचना मिलते ही आसपास के व्यापारियों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।
इसी बीच पीड़ित दुकानदारों ने घटना की जानकारी भादरा पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, ताकि चोरों की पहचान की जा सके।
पुलिस जांच में जुटी, CCTV खंगाले जा रहे
भादरा थाना पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि चोरी की वारदातें सुनियोजित तरीके से की गई हैं। पुलिस का कहना है कि तीनों दुकानों के ताले तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया। फिलहाल चोरी गए सामान और नकदी का आकलन किया जा रहा है, जो पीड़ितों की रिपोर्ट के आधार पर दर्ज किया जाएगा।
वहीं पुलिस ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की बात भी कही गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
व्यापारियों में आक्रोश, सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के बाद भादरा के व्यापारियों में भारी आक्रोश देखा गया। व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ समय से चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ। दुकानदारों ने मांग की है कि रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और बाजार क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएं।
दूसरी ओर व्यापारियों का यह भी कहना है कि छोटी-छोटी दुकानों में हुई ऐसी वारदातें उनकी आर्थिक स्थिति पर सीधा असर डालती हैं। कई दुकानदारों ने प्रशासन से बाजार में स्थायी पुलिस पिकेट लगाने की मांग की है।
इसलिए अब देखना होगा कि पुलिस जांच में कितनी तेजी लाती है और क्या जल्द ही चोरों को पकड़कर व्यापारियों में व्याप्त डर को खत्म किया जा पाता है या नहीं।
Author: Umesh Kumar
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