जांडवाला बागड़ के लंबरदार की नियुक्ति रद्द, हाईकोर्ट के आदेश के बाद नई प्रक्रिया शुरू
फतेहाबाद/भट्टू कलां। गांव जांडवाला बागड़ के लंबरदार पद को लेकर चल रहे विवाद में प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 2 सितंबर 2026 के आदेश के बाद गांव के मौजूदा लंबरदार हरपाल सिंह पुत्र नेकी राम की नियुक्ति को रद्द करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और पद पर नई नियुक्ति के लिए ताजा मुनादी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मामला CWP No. 10587-2021 (O&M), Harpal Singh बनाम State of Haryana एवं अन्य तथा CWP No. 16575-2023, Surender Kumar बनाम State of Haryana एवं अन्य से संबंधित है।

दस्तावेजों के अनुसार, वर्ष 2016 में तत्कालीन जिला कलेक्टर फतेहाबाद ने जांडवाला बागड़ में सामान्य श्रेणी के लंबरदार पद पर उम्मीदवार सुरेंद्र कुमार पुत्र धनिराम की नियुक्ति की थी। इसके बाद हरपाल सिंह की ओर से इस नियुक्ति को चुनौती दी गई। मामले में आयुक्त हिसार मंडल और बाद में वित्तायुक्त हरियाणा के स्तर पर भी कार्रवाई हुई।
हाईकोर्ट ने क्या कहा?
हाईकोर्ट ने 2 सितंबर 2026 के आदेश में कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार दोनों याचिकाकर्ताओं के संबंध में साफ-सुथरे antecedentes यानी पूर्व रिकॉर्ड को लेकर स्थिति संतोषजनक नहीं थी। कोर्ट ने माना कि लंबरदार पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार का चयन करने के लिए प्रक्रिया दोबारा शुरू की जानी चाहिए।

कोर्ट के आदेश के अनुसार नई सिरे से मुनादी कराकर नियमों के तहत उपयुक्त उम्मीदवार की नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही पूर्व में अधिकारियों द्वारा पारित आदेशों को अलग रखा गया।
जिला प्रशासन ने दिए निर्देश
हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में जिला कलेक्टर फतेहाबाद की ओर से संबंधित तहसील प्रशासन को निर्देश जारी किए गए हैं। दस्तावेजों में हरपाल सिंह को जांडवाला बागड़ के लंबरदार पद से कार्यमुक्त करने तथा उनके पास यदि कोई आवेदन, राजस्व वसूली, सरकारी राजस्व से संबंधित लंबित मामला या दस्तावेज हों तो उनका निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके बाद संबंधित पटवारी हल्का को भी निर्देश जारी कर आवश्यक रिकॉर्ड और मूल लंबरदारी सनद व पहचान पत्र प्राप्त कर निर्धारित समय में न्यायालय/प्रशासन को उपलब्ध कराने की कार्रवाई करने को कहा गया है।
अब आगे क्या होगा?
अब जांडवाला बागड़ में लंबरदार पद के लिए नई प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशासन द्वारा ताजा मुनादी कर पात्र उम्मीदवारों से आवेदन लिए जाएंगे। इसके बाद नियमों के अनुसार उम्मीदवारों की जांच और चयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
महत्वपूर्ण: हाईकोर्ट के आदेश में जिन मामलों और आरोपों का उल्लेख किया गया है, वे न्यायिक रिकॉर्ड में उठाए गए मुद्दे हैं। उन्हें किसी व्यक्ति के खिलाफ अंतिम रूप से सिद्ध आरोप के तौर पर नहीं लिखा जाना चाहिए।









